
देहरादून। उत्तराखंड में आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम को सशक्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है इसके तहत आने वाले महीनों में विभिन्न जनपदों में ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन यानी एडब्ल्यूएस और डॉप्लर रडार स्थापित किए जाएंगे, जिससे मौसम और संभावित आपदाओं की सटीक जानकारी समय रहते मिल सकेगी और जनहानि को कम करने में मदद मिलेगी।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के अनुसार रक्षा भू-स्थानिक अनुसंधान प्रतिष्ठान की मदद से 10 जनपदों में एडब्ल्यूएस लगाए जाएंगे, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से देहरादून समेत चयनित जिलों में डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही राज्य में उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों की जीआईएस मैपिंग, हर जनपद में डिजास्टर डेडिकेटेड रेडियो नेटवर्क की स्थापना और तहसील स्तर पर आपातकालीन परिचालन केंद्र विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

С пациентом работают профильные специалисты, которые оценивают состояние и подбирают безопасный план помощи.
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