
देहरादून। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक साधारण कृषक परिवार से निकले डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली है उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें आज 11 बजे राजभवन में शपथ दिलाई।
डॉ बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को बरघाट तहसील के पिपरिया गांव में हुआ और उनका पूरा जीवन संघर्ष, जनसेवा और राजनीति के अनुभवों से भरा रहा है उनके पिता सेवाराम बिसेन और माता सोनाबाई बिसेन थे उन्होंने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज से A.V.M.S. (आयुर्वेद विज्ञानाचार्य) तथा D.H.B. की डिग्री प्राप्त की,इससे वे आयुर्वेद और होम्योपैथी के चिकित्सक बने। चिकित्सा के साथ-साथ कृषि से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा। उनकी पत्नी का नाम भानुमति बिसेन है और परिवार में एक बेटा तथा दो बेटियां हैं राजनीति में प्रवेश से पहले वे सामाजिक कार्यों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय थे।
1990 में उन्होंने पहली बार बरघाट विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता=इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी वे लगातार विधायक चुने गए वे चार बार विधायक रहने के बाद 2003 में जब मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी, तो उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद मिला।
2003 से 2005 तक उन्होंने वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली इसके बाद 2011 से 2013 तक वे मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे। इस दौरान वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में उनका अनुभव और गहरा हुआ,बाद में बरघाट सीट आरक्षित होने के कारण उन्होंने केवलारी से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें सफलता नहीं मिली। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बालाघाट संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया उन्होंने यह चुनाव जीता और 2019 से 2024 तक 17वीं लोकसभा के सदस्य रहे। 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया।
डॉ. बिसेन का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू होकर मंत्रिमंडल, वित्त आयोग और संसद तक पहुंचा। चिकित्सा, कृषि और प्रशासन का उनका अनुभव उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए उपयोगी माना जा रहा है। नियुक्ति की खबर मिलने पर उन्होंने कहा था कि वे भाग्यशाली हैं कि पार्टी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लिया, जो सितंबर 2021 से इस पद पर थे। डॉ. बिसेन ने आज 19 अक्टूबर 2026 को देहरादून के लोकभवन में सुबह 11 बजे शपथ ली। उत्तराखंड के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस समारोह में शामिल हुए।

