
देहरादून। पिछले दिनों देहरादून में अतिवृष्टि के कारण आई आपदा ने सबको झंकझोर करके रख दिया था लेकिन एक हफ्ते से ज़्यादा समय हो गया है देहरादून के इस इलाके में हालात बद से बदतर है और इसी जगह की एक परिवार की कहानी ऐसी है जिसको इस आपदा ने पूरी तरह तोड़ दिया है। रूपा देवी थापा जो अपने दो नाती, नातिन के साथ देहरादून के एमडीडीए कॉलोनी क्षेत्र में नाले के पास रहते है 16 तारीख़ में भयंकर पानी आने से उनका घर पूरी तरह मलबे से भर गया था और वो घर छोड़कर इधर उधर भटक रहे है।
शरीर से एकदम कमज़ोर दिखने वाली रूपा देवी थापा का 33 साल का नाती जो शरीर से दिव्यांग है और कुछ करने में सक्षम नहीं है वहीं रूपा देवी की 13 वर्षीय नातिन विधि को रूपा देवी ज्यों त्यों करने स्कूल में पढ़ा रही है जो 6 क्लॉस में है लेकिन उनके पास इस वक्त परिवार को पालने की स्थिति नहीं है।
रूपा देवी बताती है कि जब वो ठीक थी तो घरों में झाड़ू बर्तन का काम करके बच्चों को पाल रही थी लेकिन अब उम्र के साथ साथ बीमारी भी हो गई है तो काम नहीं हो पाता ऐसे में परिवार को पालने उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। नम आंखों से विशाल बताते है कि वो कोई काम नहीं कर पाते और नानी बीमार रहती है ऐसे में छोटी बहन भी साथ है ऐसे में घर में खाने पीने की भी दिक्कत है लोगो से ज़्यादा से ज़्यादा मदद की आस में लगे हुए है। पाशा के प्रश्न की टीम जब रूपा देवी थापा के घर पहुंची तो वाकई एक टूटा फूटा घर और उस घर में एक मासूम बच्ची के साथ उसका भाई जो अपाहिज है साथ में उसको बूढ़ी नानी उसको भी लोगो से मदद की उम्मीद है। हम आपसे उम्मीद करते है कि रूपा देवी थापा और उसके परिवार की मदद करने के लिए आगे आए।
एमडीडीए कॉलोनी में 16 तारीख़ से अब तक हालात सही नहीं हुए है गलियों में अभी भी मलबा दिखाई दे रहा है लोगो के घर मलबे से भर गए है लगातार घरों से मलबा निकाला जा रहा है लेकिन इस जगह अलग अलग संस्थाओं द्वारा वहां के लोगो की मदद भी की जा रही है।

Лечение состоит из нескольких шагов. Специалисты не должны ставить капельницы автоматически: сначала проводится диагностика, оценка рисков и определяется безопасная лечебная тактика. Такой подход помогает снизить вероятность осложнений и сделать лечение обоснованным.
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